
यह दिवाली आपकी... यह दिवाली आपकी, जीवन बने खुशियों का सागर। स्वस्थ तन-मन और धन से, भर उठे जीवन की गागर। दीन, दीपक रोशनी के, समन्वय को दे दिशा हम। बांटकर खुशियाँ करे हम, रोशनी मन की उजागर। दीप बनकर कालिमा का, तम हरें खुद को जलाकर दीन की झोली भरें हम, हर्ष की लड़ीयाँ जलाकर। दीपमाला की लड़ी से, प्रेरणा हमको मिले कि, साथ …
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साहब मैं थाने नहीं आउंगा, अपने इस घर से कहीं नहीं जाउंगा, माना पत्नी से थोडा मन मुटाव था, सोच में अन्तर और विचारों में खिंचाव था, पर यकीन मानिए साहब ,“ मैंने दहेज़ नहीं माँगा ” मानता हूँ कानून आज पत्नी के पास है, महिलाओं का समाज में हो रहा विकास है। चाहत मेरी भी बस ये थी कि माँ बाप का सम्मान हो, उन्हें भी समझे माता …
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बात बहुत पुरानी है। आठ-दस साल पहले की। मैं अपने एक मित्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पासपोर्ट ऑफिस गया था। उन दिनों इंटरनेट पर फार्म भरने की सुविधा नहीं थी। पासपोर्ट दफ्तर में दलालों का बोलबाला था और खुलेआम दलाल पैसे लेकर पासपोर्ट के फार्म बेचने से लेकर उसे भरवाने, जमा करवाने और पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे। …
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फिर कोई पत्ता पेड़ से झड़ गया यारों, कौनसा फर्क किसी को पड़ गया यारों। नौकरानी को तनख्वाह कम क्या मिली, "अंकल सैम"हम से उखड़ गया यारों। इस बाजू पाकिस्तान क्या कम था? जो आज चीन उस बाजू से चढ़ गया यारों। वो अनाज जो किसान ने ही उगाया था, वो उसी की आस में भूखों मर गया यारों। जो भीतर रखा उसे सियासी चूहे खा गए, जो बाहर था वो …
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